COVID-19 जैसे महामारी में कैसे ये Technology डॉक्टर्स के लिए वरदान साबित हो रही है

नमस्ते दोस्तों, आज मैं आपको उस टेक्नोलॉजी के बारे में बताने जा रहा हूँ जो COVID-19 जैसे महामारी में डॉक्टर्स के लिए वरदान साबित हो रही है जिसका नाम है आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस (AI या कृत्रिम बुद्धि). 

Introduction

आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस कंप्यूटर विज्ञान की वो शाखा है जिसकी मदद से ऐसे सॉफ्टवेयर या मशीन का विकास होता है जो मानव मस्तिष्क की तरह सोंच सके, समझ सके, और वर्तमान के स्थिति को analyze कर भविष्य में होने वाले बदलाव का अनुमान लगा सके. इसके डेवलपमेंट में मुख्यतः C++, JAVA, Python, Lisp, और Prolog जैसी भाषाओँ का उपयोग होता है , जिसमे Python अपनी यूजर फ्रेंडली नेचर के कारण सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाली भाषा  है. 

आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस की अस्तित्व के बारे में बात करें तो ये बता पाना मुश्किल है की ये कब से उपयोग में आया क्यूंकि इसका जिक्र बहुत सी प्राचीन कहानियों में मिलता है और बहुत से दार्शनिकों के द्वारा भी इसका जिक्र किया गया है. आधुनिक इतिहास में AI का आईडिया और कंप्यूटर प्रोग्रामिंग पहली बार 1940 के दशक में आया और उसके बाद इस पर और इलक्ट्रोनिक इंटेलिजेंस पर बहुत सारे रिसर्च हुए. 

1956 में Dartmouth College, USA में अमेरिकन कंप्यूटर वैज्ञानिक John McCarthy द्वारा आयोजित कार्यशाला में इस concept को Artificial Intelligence (AI) नाम दिया गया.  John McCarthy के साथ इसमें  शामिल दूसरे वैज्ञानिकों--Allen Newell, Herbert Simon, Marvin Minsky,  और Arthur Samuel को ही इस टेक्नोलॉजी का संस्थापक माना गया.

अब आइये जानते हैं कैसे ये टेक्नोलॉजी COVID-19 में patient की स्क्रीनिंग से लेकऱ बिमारी के कारण भविष्य में होने वाले प्रभाव, और इसके drugs और vaccine के बारे में पता करने तक में कैसे मदद करता है.

Indicative Image of AI and COVID-19

COVID-19 में इसकी भूमिका

आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस patient में मौजूद symptoms की जानकारी इकठ्ठा कर और उसे analyze करने के बाद patient के COVID-19 positive या negative होने की सम्भावना का पता लगाता है, और अगर patient में COVID-19 positive होने की सम्भावना पायी जाती है, तो आगे फिर वो patient को उचित उपचार लेने की सलाह देता है या आस पास की इससे सम्बंधित Health Authority को सुचना प्रदान करता है.

यह शरीर के अंगो की CT scan report और MRI report के आधार पर patient की diagnosis और management की planning भी करता है. AI की मदद से एक ऐसा प्लेटफॉर्म तैयार किया जाता है, जिससे वायरस के फैलने की सम्भावना को भी monitor किया जाता है. यह अपने neural network की मदद से disease के features की पहचान करता है, जो patient के इलाज़ में डॉक्टर्स के लिए बहुत मददगार साबित होती है. AI patient के दैनिक स्थिति को भी monitor करता है और इस पर आधारित रिपोर्ट भी तैयार करता है. 

AI real time data को analyze करके इस बिमारी के लेटेस्ट इनफार्मेशन को इकठ्ठा करने और इसे फैलने से रोकने में भी मदद करता है. यह Infected Person की monitoring, contact tracing, hot spot की पहचान करने, और भविष्य में वायरस के फैलने की सम्भावना कहाँ पर है का भी पता कर सकता है. और सबसे बड़ी बात, AI का उपयोग COVID-19 के ड्रग्स और वैक्सीन रिसर्च में COVID-19 के उपलब्ध data को analyze करने के लिए वैज्ञानिकों द्वारा होता है, जो ड्रग्स और वैक्सीन के रिसर्च और विकास में बहुत मददगार शाबित होती है. AI के इन सभी कामों के कारण डॉक्टर्स और वैज्ञानिकों के काम का बोझ बहुत हि कम हुआ है. दोस्तों अब तो आप ये समझ गए होंगे की कैसे AI, COVID-19 महामारी में, डॉक्टर्स और वैज्ञानिकों के लिए वरदान है.

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