ये हैं सौर मंडल के 10 सबसे बड़े चाँद, जानें पृथ्वी के चन्द्रमा का स्थान क्या है?

दोस्तों, जैसा की मैंने अपने पिछले ब्लॉग "सौर मंडल (Solar System) में किस ग्रह के पास कितने प्राकृतिक उपग्रह (Moon) हैं" में बताया था की सौर मंडल में 210 से भी ज्यादा प्राकृर्तिक उपग्रह या चाँद मौजूद हैं. आज मैं आपको सौर मंडल में मौजूद उन 210 में से 10 सबसे बड़े उपग्रह/चाँद के बारे में बताने वाला हूँ. तो आईये जानते हैं, सौर मंडल में वो 10 सबसे बड़े उपग्रह कौन कौन से हैं। 


Earth with Moon
 Image by Arek Socha from Pixabay 

सौर मंडल के 10 सबसे बड़े चाँद

  •  गैनिमीड (Ganymede): दोस्तों गैनिमीड सौर मंडल में मौजूद उपग्रहों में सबसे बड़ा और बृहस्पति (Jupiter) ग्रह का भी सबसे बड़ा उपग्रह है. इस उपग्रह की खोज इटालियन मूल के खगोल वैज्ञानिक गैलीलियो गैलिली के द्वारा 7 जनवरी 1610 ईस्वी में कि गयी थी। इस उपग्रह का व्यास लगभग 5,268 किलोमीटर का है. यह उपग्रह बृहस्पति से 1,070,400 किलोमीटर दुर है. यह 39,165 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से बृहस्पति ग्रह की परिक्रमा 7 दिन 3 घंटे में पूरा करता है. यह उपग्रह सौर मंडल में एकमात्र ऐसा उपग्रह है जिसके पास अपना चुम्बकीय क्षेत्र है, इसके वायुमंडल में ऑक्सीजन गैस की मात्रा उपलब्ध है. 
  •  टाइटन (Titan): यह सौर मंडल का दूसरा सबसे बड़ा उपग्रह होने के अलावा शनि (Saturn) ग्रह का सबसे बड़ा उपग्रह है. बर्फ की चादरों से ढके इस उपग्रह को बर्फीला चाँद भी कहा जाता है।  इस उपग्रह की खोज डच खगोल वैज्ञानिक क्रिस्टियान ह्यूजेंस के द्वारा 25 मार्च 1655 को की गयी थी. इस उपग्रह का व्यास लगभग 5,149 किलोमीटर का है. शनि ग्रह से इस उपग्रह की दुरी लगभग 1,221,865 किलोमीटर है, और यह 20,051 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से शनि ग्रह की एक परिक्रमा 16 दिनों में पूरा करता है । यह पृथ्वी के अलावा सौर मंडल में एकमात्र ऐसा ऑब्जेक्ट है जहाँ पर पानी की मौजूदगी नदी, झील, और समुद्र के रूप में है, परन्तु यहाँ पर सतह का दबाब पृथ्वी से 50% ज्यादा है, जिसके काऱण यहाँ जीवन संभव नहीं है । इस उपग्रह के पास डाईनाइट्रोजन (N2) और मीथेन (CH4) गैस का वायुमंडल भी है. 
  •  कैलिस्टो (Callisto)कैलिस्टो सौर मंडल का तीसरा और बृहस्पति ग्रह का दूसरा सबसे बड़ा उपग्रह है. इस उपग्रह की खोज इटालियन मूल के खगोल वैज्ञानिक गैलीलियो गैलिली के द्वारा 7 जनवरी 1610 ईस्वी में की गयी थी । इस उपग्रह का व्यास लगभग 4,821 किलोमीटर का है. यह बृहस्पत्ति ग्रह से लगभग 1,882,700 किलोमीटर की दुरी पे स्थित है. कैलिस्टो 29,531 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से 17 दिनों में बृहस्पति का एक परिक्रमा पूरा करता है. इस उपग्रह के पास कार्बन-डाई-ऑक्साइड गैस का वायुमंडल मौजूद है।
  • जुपिटर I (Io):  यह उपग्रह सौर मंडल का चौथा और बृहस्पति ग्रह का तीसरा सबसे बड़ा उपग्रह है। इस उपग्रह की खोज भी गैलीलियो गैलिली के द्वारा जनवरी 1610 ईस्वी को की गयी थी। इस उपग्रह का व्यास लगभग 3,643 किलोमीटर का है. बृहस्पति ग्रह से इसकी दुरी लगभग 421,800 किलोमीटर है. यह 62,423 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बृहस्पति का एक परिक्रमा 43 घण्टे में पूरा करता है। इस उपग्रह के वायुमंडल में सल्फर-डाई-ऑक्साइड गैस मौजूद है।  
  • चन्द्रमा (Moon): पृथ्वी (Earth) का एकमात्र उपग्रह चन्द्रमा सौर मण्डल का पांचवा सबसे बड़ा उपग्रह है। चन्द्रमा का व्यास 3,475 किलोमीटर है। यह पृथ्वी से 385,000 किलोमीटर दूर है। पृथ्वी और चन्द्रमा की दुरी के बिच 30 पृथ्वी के आकार के ग्रह समाहित हो सकते हैं. यह पृथ्वी की एक परिक्रमा 27.3 दिनों में  3,680 किलोमीटर प्रति घण्टे की रफ्तार से पुरा करता है। 
  • यूरोपा (Europa): यह सौर मंडल का छठा और बृहस्पति ग्रह का चौथा सबसे बड़ा उपग्रह है. इस उपग्रह की खोज भी गैलीलियो गैलिली के द्वारा जनवरी 1610 ईस्वी को की गयी थी। यूरोपा का व्यास 3,121 किलोमीटर का है। बृहस्पति से इसकी दुरी लगभग 671,100 किलोमीटर है। यह बृहस्पति की एक परिक्रमा 3.5 दिनों में 49,476 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से पूरा करता है। इसके वायुमंडल में ऑक्सीजन की मात्रा मौजूद है। 
  • ट्राइटन (Triton): ट्राइटन नेप्च्यून (Neptune) का सबसे बड़ा ग्रह होने के साथ-साथ सौर मंडल का सातवां सबसे बड़ा उपग्रह है। इसकी खोज 10 अक्टूबर 1846 को ब्रिटिश खगोल वैज्ञानिक विलियम लासेल के द्वारा की गयी थी। इस उपग्रह का खोज नेप्च्यून ग्रह की खोज, जो की 23 सितम्बर 1846 को हुआ था, के 17 दिन के बाद ही कर लिया गया था. ट्राइटन का व्यास 2,707 किलोमीटर का है. नेप्च्यून से इसकी दुरी लगभग 354,759 किलोमीटर है। और यह 15,803 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से नेप्च्यून की एक परिक्रमा लगभग 6 दिनों में पूरा करता है। इस उपग्रह की खासियत यह है की यह नेप्च्यून के घूर्णन के दिशा के विपरीत दिशा में नेप्च्यून की परिक्रमा करता है. इसके वायुमंडल में नाइट्रोजन और मीथेन गैस मौजूद है. 
  •  टाइटेनिया (Titania): यह उपग्रह सौर मंडल का आठवां सबसे बड़ा उपग्रह होने के साथ-साथ अरुण ग्रह (Uranus) का सबसे बड़ा उपग्रह है। इस उपग्रह की खोज जर्मन मूल के ब्रिटिश खगोल वैज्ञानिक विलियम हर्शल के द्वारा 11 जनवरी 1787 को किया गया था। इस उपग्रह का व्यास 1,578 किलोमीटर का है। अरुण ग्रह से इसकी दुरी लगभग 436,300 किलोमीटर है। यह अरुण ग्रह की एक परिक्रमा 13,120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से लगभग 9 दिनों में पूरा करता है। इसके वायुमंडल में कार्बन-डाई-ऑक्साइड गैस मौजूद है. 
  • Rhea: यह उपग्रह सौर मंडल का नौवां सबसे बड़ा उपग्रह है और यह शनि ग्रह का दुसरा सबसे बड़ा उपग्रह है। इस उपग्रह की खोज इटालीयन मूल के फ्रेंच खगोल वैज्ञानिक जियोवनी कैसिनी ने 23 दिसंबर 1672 को किया था. इस उपग्रह का व्यास 1,528 किलोमीटर का है। शनि ग्रह से इसकी दुरी 527,068 किलोमीटर है और यह शनि ग्रह की एक परिक्रमा 30,542 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से लगभग 4.5 दिन में पूरा करता है. इसके वायुमंडल में ऑक्सीजन और कार्बन-डाई-ऑक्साइड गैस मौजूद है।  
  • ओबेरॉन (Oberon): यह अरुण ग्रह का दूसरा सबसे बड़ा उपग्रह होने के साथ-साथ सौर मण्डल का दसवां सबसे बड़ा उपग्रह है। इस उपग्रह की खोज भी जर्मन मूल के ब्रिटिश खगोल वैज्ञानिक विलियम हर्शल के द्वारा 11 जनवरी 1787 को हीं किया गया था. इस उपग्रह का व्यास 1,523 किलोमीटर का है। अरुण ग्रह से इसकी दुरी 583,500 किलोमीटर है, और यह इसकी एक परिक्रमा 11,349 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से 13 दिनों में पूरा करता है।   
दोस्तों ये हैं सौर मंडल के 10 सबसे बड़े उपग्रह । उम्मीद करता हूँ की आपको ये जानकारी पसंद आयी होगी । 
धन्यवाद,

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4 Comments

  1. you have explained every smaller facts very deeply...really very informative...👍

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  2. Superb 👌👌👌....so informative

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  3. excellent.... keep it up.... knowledge.... knowledge.... knowledge... nothing else...

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