वैज्ञानिकों का दावा: सिंगल पास में ही यह Air Filter 99.8% Coronavirus को मार गिरायेगा: जाने क्या है इसकी Technology

दोस्तों, University of Houston के शोधकर्ताओं ने एक ऐसे “catch and kill” फ़िल्टर को डिज़ाइन करने का दावा किया है, जो हवा में मौजूद कोविड-19 के वायरस को trap कर तुरंत मार गिराता है. 7 जुलाई 2020 को Materials Today Physics जर्नल में छपे अध्ययन के अनुसार यह एयर फ़िल्टर 99.8% कोविड-19 विषाणु को मारने में सफल रहा है. 
शोधकर्ताओं के द्वारा यह बताया गया है की यह एयर फ़िल्टर Galveston National Laboratory में किए गए टेस्ट में हवा में मौजूद  99.8% नोवेल SARS-COV-2 वायरस, जो की कोविड-19 जैसी बीमारी का कारक है, को हवा के सिंगल पास में ही मार गिराने में सफल रहा है. इस एयर फ़िल्टर को बाजार में उपलब्ध निकेल फोम से बनाया गया है जिसे 200°C तक गर्म करने के बाद इससे पास होने वाले हवा में मौजूद वायरस को तुरंत मारा जा सकता है. यह फ़िल्टर University of Texas Medical Branch के नेशनल लेबोरेटरी में किये गए टेस्ट में 99.9% एंथ्रेक्स बीजाणुओं को भी मार गिराने में सफल रहा है. 

फ़िल्टर में इस्तेमाल की गयी Technology 

इस अध्ययन का हिस्सा रहे शोधकर्ता झिफेंग रेन के अनुसार चूँकि यह वायरस 70°C से ऊपर के तापमान में जीवित नहीं रह सकता, शोधकर्ताओं ने इसे हवा में हीं हीट (Heat) के द्वारा मार गिराने के लिए इस फ़िल्टर को बनाने की योजना बनायी । और चूँकि निकेल porous, विद्युत् का सुचालक, जो की इसके हीटिंग में इसकी मदद करता है, इससे आसानी से हवा पास हो सकती है, और यह लचीला भी है, इस फ़िल्टर के डिज़ाइन के लिए निकेल फोम का इस्तेमाल किया गया. हालाँकि निकेल फोम की कम प्रतिरोधकता (low resistivity) के कारण उसे तुरंत उस तापमान तक पहुँचाना मुश्किल था जहां यह फ़िल्टर आसानी से वायरस को मार सके, वैज्ञानिकों ने इसकी प्रतिरोधकता को बढ़ाने के लिए इसे फोल्ड किया और इलेक्ट्रिक तार के साथ इसे बहुत से कम्पार्टमेंट से जोड़ा गया ताकि यह आसानी से 250°C के तापमान को प्राप्त कर सके. इस फ़िल्टर को गर्म करने के लिए बाहरी स्रोत के बजाय इलेक्ट्रिकल स्रोत का इस्तेमाल किया गया है ताकि रूम के एयर कंडीशनिंग में कोई बाधा न हो. 

Air conditioner with filter (Indicative Image)
Photo by M. B. M. on Unsplash


Air Borne Spread को रोकने में मददगार साबित हो सकता है यह एयर फ़िल्टर 

शोधकर्ता झिफेंग रेन के अनुसार चुकी वायरस हवा में तीन घंटे से ज्यादा देर तक जीवित रह सकता है, एयर कंडिशन्ड  स्थानों पर वायरस के प्रसार को रोकने के लिए कोविड -19 के फैलने के शुरूआती दौर से हीं इस फ़िल्टर की डिजाइनिंग पर शोध हो रहे थे. 

झिफेंग रेन के अनुसार यह फ़िल्टर हवाई अड्डों और हवाई जहाजों में, कार्यालय के भवनों, स्कूलों, और क्रूज जहाजों में वायरस के प्रसार को रोकने में मददगार साबित होगा ।  यह फ़िल्टर वायरस के प्रसार को नियंत्रित करने की अपनी क्षमता की वजह से लोगों के लिए बहुत मददगार साबित होगा। 

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