टेलिस्कोप (दूरदर्शी) क्या है और यह कैसे काम करता है? Full Information about Telescope in Hindi

दोस्तों, टेलिस्कोप, जिसके माध्यम से कोई भी व्यक्ति अंतरिक्ष में खगोलीय पिंडों और ग्रहों की गतिविधियों को अपने आँखों में कैद करता है, प्रकाशिकी (Optics) के सिद्धांतों पर बनाया गया एक दूरबीन है। दोस्तों आपको ये जानकर हैरानी होगी की इसके आविष्कारक Hans Lippershey को टेलिस्कोप बनाने का आईडिया उनके चश्मे की दूकान में उनके दो बच्चों से मिला था। टेलिस्कोप मुख्यतः दो प्रकार के होते हैं - Reflecting और Refracting। तो आईये इस ब्लॉग के माध्यम से विस्तृत रूप से टेलिस्कोप के इतिहास, प्रकार, और इनके काम करने के तरीकों (Working Principle) के बारे में जानते हैं। 

टेलिस्कोप की परिभाषा

दोस्तों हिंदी में हम टेलिस्कोप को ऐसे परिभाषित कर सकते हैं की - टेलिस्कोप एक ऐसा यन्त्र है जिसका इस्तेमाल दूर की वस्तुओं या अंतरिक्ष में खगोलीय पिंडों और ग्रहों की गतिविधियों या  प्रतिबिम्ब को देखने के लिए किया जाता है । 

Definition in English: A tool, which is used to see the image of far away or astronomical objects, is called telescope.


Telescope


टेलिस्कोप का अविष्कार

दोस्तों बात 1609 ईस्वी की है जब एक दिन नीदरलैंड के निवासी Hans Lippershey के चश्मे की दूकान में उनके दो बेटे खेल रहे थे, उसी दौरान उनके बेटों ने खेलते-खेलते दो Concave Lens को, एक अपने आँखों के पास और एक अपने हाँथ में लेकर, जब आमने-सामने रखा तो उन्हें शहर में स्थित चर्च का टावर स्पष्ट और बड़ा दिख रहा था। उसके बाद Hans Lippershey ने दो Lenses को एक ट्यूब में फिट कर दुनिया के पहले टेलिस्कोप का आविष्कार किया था।


मई, 1609 में प्रसिद्ध खगोल वैज्ञानिक Galileo Galilei जब इटली के Vanice शहर में थे तो उन्हें इस अविष्कार का पता चला, जिसके बाद उन्होंने पहले टेलिस्कोप से बीस गुना ज्यादा मैग्निफिकेशन पावर वाले टेलिस्कोप का निर्माण किया, जिसकी मदद से उन्होंने सूरज में धब्बों, चन्द्रमा पर पर्वतों के होने, और बृहस्पति के चार उपग्रहों जैसे महत्वपूर्ण खोज किये। 


Convex Lens का इस्तेमाल करते हुए सन 1611 ईस्वी में जर्मन खगोल वैज्ञानिक Johannes Kepler ने पहले खोज की गयी टेलिस्कोप्स से ज्यादा मैग्निफिकेशन वाले टेलिस्कोप का निर्माण किया परन्तु इस टेलिस्कोप में Objects का चित्र उलटा (Inverted) दिखाई देता था। 


दोस्तों सन 1668 से पहले निर्मित किये गए टेलिस्कोप प्रकाश के अपवर्तन (refraction of light) के सिद्धांत पर काम करते थे या दूसरे शब्दों में ये सभी टेलिस्कोप Refracting Telescope थे जिसमे Concave या Convex लेंसों का इस्तेमाल किया गया था। इसके उलट सन 1668 ईस्वी में Sir Isaac Newton ने प्रकाश के परावर्तन (reflection of light) के सिद्धांत पर curved mirror का इस्तेमाल  करते हुए Reflecting Telescope का आविष्कार किया। 


टेलिस्कोप के प्रकार


दोस्तों काम करने के तरीकों के आधार पर टेलिस्कोप दो प्रकार के होते हैं:

  1. Refracting Telescope (अपवर्तन दूरदर्शी)
  2. Reflecting Telescope (परावर्ती दूरदर्शी)

अब आईये विस्तृत रूप से जानते हैं Refracting और Reflecting टेलिस्कोप के काम करने के तरीके के बारे में। 

Refracting Telescope

दोस्तो, इस प्रकार के टेलिस्कोप प्रकाश के अपवर्तन (refraction of light) के सिद्धांत्त पर काम करते हैं, इनमे मुख्यतः दो लेंसों का इस्तेमाल किया जाता है। आइए अब इस चित्र के माध्यम से Refracting Telescope के काम करने के तरीके को समझते हैं 


Refracting Telescope



जैसा की आप ऊपर दिए गए चित्र में देख सकते हैं की Refracting Telescope के Objective Lens (Bigger Lens) की मदद से प्रकाश की किरणें संग्रहित होकर इस लेंस के माध्यम से अपवर्तित हो जाती है। और इसके बाद प्रकाश की अपवर्तित किरणें टेलिस्कोप के छोटे लेन्स, जिसे फोकस पॉइंट भी कहा जाता है, पर एकत्रित होती हैं, जिसकी मैग्निफिकेशन पावर की मदद से हमारी आँखें दूर के लक्ष्य को आसानी से स्पष्ट रूप में देख सकती है। 

Reflecting Telescope

दोस्तों, इस प्रकार के टेलिस्कोप प्रकाश के परावर्तन (reflection of light) के सिद्धांत पर काम करते हैं। इस प्रकार के टेलिस्कोप में प्रकाश के किरणों को संग्रहित करने के लिए Objective Lens के स्थान पर Objective Mirror का इस्तेमाल किया जाता है। आइए अब इस चित्र के माध्यम से Reflecting Telescope के काम करने के तरीके को समझते हैं। 

Reflective Telescope


जैसा की हम ऊपर दिए गए चित्र में देख सकते हैं की Reflective Telescope में प्रकाश की किरणें Objective Mirror (First Mirror) के द्वारा संग्रहित होती हैं और ये किरणें इसके बाद Objective Mirror से परावर्तित होकर टेलिस्कोप के दूसरे Mirror (Second Mirror) पर पड़ती हैं, जहाँ से प्रकाश की किरणें परावर्तित होकर चित्र के रूप में आँखों पर पड़ती है. 

Note: Objective lens/mirror का ईस्तेमाल Optical Engineering में लक्ष्य/ऑब्जेक्ट से प्रकाश की किरणों को संग्रहित करने के लिए किया जाता है। इनका इस्तेमाल कैमरा, टेलिस्कोप, माइक्रोस्कोप जैसे यंत्रों में किया जाता है। 

दोस्तों, उम्मीद करता हूँ की टेलिस्कोप की ये जानकारी आपको पसंद आयी होगी, प्लीज इसे शेयर करना न भूलें। 

धनयवाद। 

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