।। माँ ।।

 माँ तू है जग से सुन्दर, 

और प्यार से भी प्यारी।  

तेरी हीं आँचल में ओ माँ,

ये पलती दुनिया सारी।।

तुझमे है ममता का सागर,

तुझमे प्यार की गँगा। 

सृष्टि का आधार तुम ही हो,

इस जीवन का सार तुम ही हो ।।

तुझमे बसी है दुनिया मेरी,

तुझसे ही है मुझमे प्राण। 

माँ तेरी ममता के आगे ,

कम है अगर दे दूँ मैं जान।।

माँ तेरी त्याग के आगे ,

भगवान् भी शीश झुकाते हैं। 

बड़े खुशनशीब हैं वो ,

जो माँ का प्यार पाते हैं।।


माँ

जिस माँ ने मुझे जन्म दिया ,

उसने तो एक उपकार किया। 

पर करता हूँ मैं तेरी पूजा ,

क्यूंकि तुमने माँ का प्यार दिया ।।

तुमसे मिली मुझे हर एक ख़ुशी ,

मेरा पूरा हर अरमान किया। 

न जाने कहाँ भटकता मैं ओ माँ ,

तुमने ही ये जीवनदान दिया ।।

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