!! की तेरी याद आ गयी !!

तेरी याद आ गयी....

 

की लौटकर फिर आसमाँ से...

मेरी फरियाद आ गयी !

की आज फिर मुझे...

तेरी याद आ गयी !!

याद आ गयी...

तेरी भोली मुस्कराहट, तेरी शोख अदाएं !

याद आ गयी...

तेरे जुल्फों की वो रंगीन फिजायें !!

याद आ गया वो... 

तेरे मिलन को मेरा तड़पना !

याद आ गया वो...

तेरे जुदाई पे मेरा सिसकना !!

याद आज फिर आ गयी... 

वो मौसम बहार की !

याद आज फिर आ गयी... 

वो बेताबी तेरे इंतज़ार की !!

याद आज मुझे फिर आया...

तेरी बाँहों का वो मदहोश घेरा !

जो हुआ करता था... 

मेरे दिल का एक महफूज डेरा !!

याद आ गई फिर मुझे...

तेरी मासूम सुरत, वो नशीली निगाहें !

जिसमे माँगा करता था...

मैं अक्सर अपनी पनाहें !

की गरज कर आसमान से फिर जमीं पर...

बरसात आ गई !

की आज फिर मुझे...

तेरी याद आ गयी !!

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