!! मुश्किल है !!

मुश्किल है...

 रहता है हर पल वो, मेरे पलकों की छाँव में...

पर अफ़सोस की, कर पाना उसका दीदार मुश्किल है !

है रानी सदा से वो, मेरे दिल के सल्तनत की...

पर अफ़सोस की, पाना उसका प्यार मुश्किल है !!

पढ़ता हूँ अक्सर उसे मैं, अपने यादों के पन्नों में...

पर अफ़सोस की, होना उससे तकरार मुश्किल है !

रह गयी बातें दिल की, दिल में ही दफ़न हो...

पर अफ़सोस की, कर पाना इजहार मुश्किल है !!

की मेरे दुआओं में है हर पल, सदायें उसी की...

पर अफ़सोस की, साथ उसका यार मुश्किल है !

ख्वाहिशें हैं मुक्क़द्दर में, स्याही हो उसके नाम की...

पर अफ़सोस की, रेत में बहार मुश्किल है !!

माना, हैं दीवाने अभी भी उसके, उसके शहर में...

पर हो मुझ जैसा आशिक़, करना ऐतबार मुश्किल है !

मुश्किल है भूल पाना, मुझे भी और तुझे भी...

की कर दफ़न तेरी यादों को, बना पाना मज़ार मुश्किल है !!

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