जल गयी वो बस्ती...

जल गयी वो बस्ती...

जल गयी, लालच की आग से वो बस्ती... 

जिस बस्ती में, इंसानियत बसा करती थी !

जहाँ होता था, खुशियों भरा सवेरा...

जहाँ हंसी से, शाम हुआ करती थी !!

वो बस्ती जहाँ हर लोग... 

एक दूसरे के सहारे थे !

वो बस्ती जहाँ हर बच्चे...

हर माँओं को प्यारे थे !!

वो बस्ती जहाँ हर घर...

अपना हुआ करता था !

वो बस्ती जहाँ माटी का घरौंदा....

पर सोने का सपना हुआ करता था !!

वो बस्ती जहाँ हर कोई... 

हर किसी का दर्द बांटा करते थे !

वो बस्ती जहाँ अपने... 

अपनों को, गलतियों पे डांटा करते थे !!

वो बस्ती जहाँ मानवता...

मानवता पे मरा करती थी !

जल गयी वो बस्ती... 

जहाँ इंसानियत बसा करती थी !!

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