मशहूर हो गए...

मशहूर हो गए...

जिस पल से हुई है मोहब्बत आपसे... 

हम तो खुद ही, खुद से दूर हो गए !

शुरू क्या हुए, ये सिलसिले मुलाकातों के...

हम तो सारे शहर में मशहूर हो गए !!

पा कर सामने दीदार आपका...

रौशन आँखों के नूर हो गए !

दिल में बस गयी सूरत आपकी... 

दीवाने आपके हम हुजूर हो गए !!

ये असर ही तो है, आपके इश्क़ का... 

की बेकाबू दिलों के फितूर हो गए !

जबसे खोया हूँ, मैं ख्यालों में आपके...

नजरों में जमाने कि, हम मगरूर हो गए !!

छायी मदहोशी कुछ ऐसी, आपके निगाहों की... 

बेअसर इस जहाँ के सारे सुरूर हो गए !

बन बावरा फिरूं मैं, गलियों में आपकी...

अब तो अक्स भी आपके, जन्नत-ए-हूर हो गए !!

शुरू क्या हुए, ये सिलसिले मुलाकातों के...

हम तो सारे शहर में मशहूर हो गए !!

-------------
-----

Post a Comment

4 Comments

  1. Wah, writing like Ghalib.
    Isi tarah likhte raho, ek din tum bhi mashhoor ho jaaoge.
    Jio

    ReplyDelete
  2. Wah, writing like Ghalib.
    Isi tarah likhte raho, ek din tum bhi mashhoor ho jaaoge.
    Jio

    ReplyDelete
  3. Amazing! I wish I could write like you...😌

    ReplyDelete
  4. Mashoor hone ki ab to aadat si ho gai h..

    Chahne wale dhindora hi itna peet dete h....


    ReplyDelete

अगर आपको यह पोस्ट पसंद आए तो कृपया यहाँ कमेंट जरूर करें